• Mon. Apr 22nd, 2024

यूक्रेन का इतना भूभाग आज रूस में शामिल होगा :राष्ट्रपति पुतिन करेंगे ऐलान ||

Byadmin

Sep 30, 2022
Spread the love

यूक्रेन का इतना हिस्सा आज रूस में शामिल होगा :राष्ट्रपति पुतिन करेंगे ऐलान

यूक्रेन के 4 महत्वपूर्ण हिस्सों को रूस आज अपने क्षेत्र में शामिल करने जा रहा है। ये क्षेत्र हैं- डोनेट्स्क,जपोरिजिया लुहांस्क और खेरसॉन । रूस ने इन क्षेत्रों में जनमत संग्रह यानी रेफरेंडम कराने के बाद इन्हें आधिकारिक तौर पर अपनी सीमा में मिलाने की बात कही है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन नए इलाकों को रूसी सेना में शामिल करने के समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री एस पेसकोव ने लोकल मीडिया को बताया- यूक्रेन के चार हिस्सों को रूस में मिलाने की तैयारी पूर्ण हो चुकी है। क्रेमलिन के सेंट जॉर्ज हॉल में डोनेट्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जपोरिजिया के हेड जरूरी डॉक्यूमेंट्स पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके बाद इन शहरों को आधिकारिक तौर पर रूस में शामिल करने की घोषणा की जाएगी ।

रुस में विशेष दिन जैसे उत्सव की तैयारी
यूक्रेन के चार हिस्सों को अपनी सीमा में मिलाकर रसिया यह दिखाना चाहता है कि अब इन क्षेत्रों हमला उस पर सीधा अटैक माना जाएगा। इस अवसर को रूस किसी स्पेशल डे की तरह सेलिब्रेट करने की तैयारी में है। रूस का नेशनल मीडिया 30 सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम को रेफरेंडम मिलने के जश्न के तौर पर प्रस्तुत कर रहा है।

रूस के राष्ट्रपति पुतिन इस मौके पर विशेष भाषण देंगे। उनके भाषण को ज्यादा से ज्यादा लोग देख-सुन सकें, इसके लिए मॉस्को के रेड स्क्वायर में होर्डिंग और एक बड़ी वीडियो स्क्रीन लगाई गई है। इस दौरान कई सड़कें बंद रहेंगी। एक खास शो भी तैयार किया गया है, जिसे समझौते पर साइन होने के बाद प्रदर्शित किया जाएगा।
कब्जे का कारण

यूक्रेन के इतने लंबे समय तक जंग में टिके रहने की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और पश्चिमी देशों का हथियार और आर्थिक रूप से समर्थन है। रूस यूक्रेन को मिलने वाले पश्चिमी देशों के समर्थन का शुरू से विरोध करता रहा है।
अब यूक्रेन के 4 हिस्सों को खुद में मिलाकर रूस पश्चिमी देशों को ये सबक देना चाहता है कि उसे रोकना मुश्किल है। ऐसा करके रसिया ये दावा कर पाएगा कि यूक्रेन उसके क्षेत्र पर हमला कर रहा है और पश्चिमी देशों को भी अपने निशाने पर लिया जा सकता है। 2014 में रसिया ने इसी तरह क्रीमिया पर कब्जा जमाया था, जिसका पश्चिमी देशों ने विरोध किया था। इसके बाद भी क्रीमिया पर रूस का ही कब्जा है।
पहले भी ऐसा कर चुका है रूस

रूस ने साल 2008 में जॉर्जिया के साथ एक छोटा सा युद्ध लड़ने के बाद जॉर्जिया की दो अलग-अलग टेरिटरी अबकाजिया और दक्षिण ओसेशिया को स्वतंत्रत राज्य के रूप में मान्यता दी थी। इन दोनों क्षेत्रों को रूस ने काफी फंडिंग भी की थी। इसके बाद यहां के लोगों को रूसी नागरिकता दी गई तथा युवाओं को रूसी सेना में शामिल किया गया।
2014 में रेफरेंडम के बाद क्रीमिया को रूस ने खुद में मिला लिया था। उस समय भी पुतिन ने अपना भाषण दिया था ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.